Friday, February 6, 2009

न कुछ था तो खुदा था न कुछ होता तो खुदा होता डुबोया मुझको होने ने न होता मैं तो क्या होता...

1 comment:

  1. ये गुत्थी गालिब ही सुलझाएं...
    'मैं कहां और ये बवाल कहां'

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